अमृतसर, 14 सितंबर (पंजाब पोस्ट ब्यूरो) – हिंदी भाषा के विकास में पंजाब का अपना एक विशेष योगदान है। यह विचार हिंदी दिवस के
अवसर पर खालसा कालेज के प्रिसंिपल डा. महल सिंह ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वेद महाभारत व रामायण जैसे कालजयी ग्रंथ पंजाब की धरती पर ही रचे गए। कालेज के हिंदी विभाग की ओर से हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में अंतर विभागीय प्रतियोेगिता करवाई गई जोकि एक सप्ताह तक चली। 70 से अधिक विद्यार्थियों ने इसमें हिस्सा लिया। विभाग अध्यक्ष डा. सुरजीत कौर ने बताया कि निबंध लेखन, संवाद अभिव्यक्ति, रंगोली व कविता गायन प्रतियोगिता में क्रमश रवनीत कौर बीए, साहिल बीए, राहुल बीए, सिमरजीत कौर बीए, कोमल बीए व निकिता पुरी एमए संगीत प्रथम स्थान पर रहे। डा. महल सिंह ने प्रतियोगियों को पुरस्कृत किया और हिंदी विभाग तथा प्रतियोगियों को बधाई दी।
डा. तमिंदर सिंह डीन अकादमी मामले ने बाजार की भाषा के रूप में हिंदी के महत्व को स्वीकृत करते हुए कहा कि हिंदी की सहजता ही हिंदी की लोकप्रियता का आधार है। डीन हयूमेनेटिज प्रो. जसप्रीत कौर ने स्वाधीनता संग्राम में हिंदी की भूमिका पर विचार व्यक्त किए। डा. सुरजीत कौर ने निर्णायक मंडल के सदस्य डा. पूनम महाजन, डा. सोनिया पाठक, साक्षी वोहरा व विवेक महाजन का धन्यवाद किया जिन्होंने प्रतिभागियों का मूल्यांकन करने की सेवा न्यायपूर्ण ढंग से निभाई। डिप्टी रजिस्ट्रार डा. दीपक देवगण ने सभी मेहमानों का आभार व्यक्त किया।
Punjab Post Daily Online Newspaper & Print Media